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सोशल साइट्स: नेगेटिव इफेक्ट ज्यादा!

In Uncategorized on जुलाई 5, 2011 at 3:50 अपराह्न

 मनोज जैसवाल
टेक्नोलॉजी के इस युग में नेटवर्किंग टूल्स का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। फिर चाहे वह स्टडी से जु़ड़ा मेटर हो या फिर बिजनेस से। यूज केवल नेसेसिटी जितना ही हो तो कोई बात नहीं अगर यह आपकी आदत में शुमार हो जाए, तो नुकसानदेह हो सकता है और यही से शुरुआत होती है एडिक्शन की। इन दिनों इंटरनेट एडिक्शन का लोग शिकार हो रहे हैं। 

यह लत धीरे-धीरे आपको आगोश में ले लेती हैं। इस बात का पता आपको तब चलता है जब कोई दूसरा इसे नोटिस करता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे दूरी बनाते हुए अपने कार्य किए जाए। ताकि इसकी लत से महफूज रहा जा सके। विशेषज्ञों के मुताबिक इन साइट्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर मानसिक रूप से गलत प्रभाव भी प़ड़ता है।

सोशल नेटवर्किंग साइट्स के सबसे ज्यादा यूजर यूथ ही होते हैं। पैरेंट्स स्टूडेंट्स को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराते हैं, पर कई बार उत्सुकतावश वे गलत साइट्स पर क्लिक कर देते हैं। धीरे-धीरे उन्हें ये साइट्स रास आने लगती हैं। पता ही नहीं चलता कब उन्हें यह लत लग गई है।

सबसे लोकप्रिय साइट्स आरकुट, माय स्पेस, फेसबुक, लिंकेडीन, जॉरपिया, बेबो है। इन सभी साइट्स के प्रयोग से सबसे ज्यादा देखे जानी वाली समस्या आपसेशन की होती है, जिसमें साइट यूजर पूरी तरह से इसी काम में समर्पित हो जाता है और एक वर्चुअल दुनिया बना लेता है।

परिवार में कलह 
सोशल साइट्स में दोस्ती करने के बाद वे हर समय उसी के बारे में सोचने लगते हैं। उन्हें दिनभर इंटरनेट के सामने बैठने की लत लग जाती है। यह कमी पूरी न होने पर उनमें बैचेनी होने लगती है, जिससे पढ़ाई-लिखाई के अलावा हर चीज से दूर होता चला जाता है। यूथ के अलावा इस तरह की समस्या ऑफिस गोइंग मैन्स में भी देखी जाती है। ऑफिस में ज्यादातर समय उनका कम्प्यूटर व इंटरनेट के सामने गुजरता है, जिससे पत्नी व बच्चों को समय न दे पाने पर घर में भी कलह का माहौल बनता है।

नेगेटिव इफेक्ट ज्यादा 
पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली किरण मोइत्रा सोशल नेटवर्किंग साइट्स का ज्यादा इस्तेमाल करने लगी थी। इसमें फीडबैक न मिलने पर डिप्रेशन में चली गई। इससे न केवल पढ़ाई का नुकसान हुआ, बल्कि सेहत भी प्रभावित हुई।

एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत सौरभ वासवानी परिवर्तित नाम ऑफिस वर्क के सिलसिले में ज्यादातर समय इंटरनेट यूज करते। सौरभ को सोशल नेटवर्किंग साइट्स यूज करने का ऐसा चस्का लगा कि वे आफिस के अलावा घर पर भी नेट यूज करने लगे, जिसका उनके परिवारिक माहौल पर विपरीत प्रभाव पड़ा।

समाज से दूर करती सोशल साइट्स 
साइकोलाजिस्ट ईला गुप्ता ने बताया कि इंटरनेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से दिमागी रूप से प्रभाव तो प़ड़ता ही साथ ही स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। दिनभर कम्प्यूटर के सामने बैठे रहने से वेट गेन होने के साथ आंखे भी कमजोर होती हैं। सोशल साइट्स में अक्सर लोग अपनी गलत प्रोफाइल दे देते हैं, जिससे प्रभावित होकर ही लोग दोस्ती करना और बातें करना पसंद करते हैं।

बाद में जब उस गलती का पता चलता है, तब इमोशनल बांडेज को धक्का लगता है। इसके अलावा इन साइट्स के यूजर अपनी फैमिली व रिलेटिव से भी कटते जाते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान 

घर पर कम्प्यूटर, इंटरनेट घर में कामन प्लेस पर रखें, ताकि बच्चे दिनभर अपने कमरे में घुसे न रहें।

बच्चे इंटरनेट में क्या काम कर रहे हैं इस बात पर भी नजर रखें।

यदि बच्चा नेटवर्किंग साइट्स के यूज से डिप्रेशन में आ जाए तो उनके साथ फ्रैंडली व्यवहार करें और उनकी समस्या का समाधान करें।

इंटरनेट यूज करने का एक टाइम निश्चित कर दें।

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